कानपुर में साल-दर-साल जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। इसको लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने ज्वाइंट टीम में काम करना शुरू कर दिया है। गुरुवार शाम को स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि पहले चरण में 35 किमी. के रोड नेटवर्क का जाम फ्री किया जाएगा। इसमें 18 चौराहे भी व्यवस्थित किए जाएंगे।
लखनऊ की संस्था करेगी शहर में सर्वे
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाकर फेज वाइज शहर के सभी महत्वपूर्ण चौराहों की रिमॉडलिंग के लिए एक्सपर्ट से अध्ययन कराया जा रहा है, जिसके लिए कानपुर स्मार्ट सिटी ने शहर के लिए ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान’ तैयार किए जाने के लिए क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (ICUES) लखनऊ को नियुक्त किया गया है। यह संस्था राज्य सरकार द्वारा शहरी विकास, यातायात एवं संबंधित विषयों पर अध्ययन करने के लिए एक नामित है।

कमिश्नर और डीसीपी ट्रैफिक के साथ टाटमिल और रामादेवी चौराहे का किया निरीक्षण।
18 चौराहे होंगे विकसित
इन सभी चौराहों के अध्ययन करने के लिए फंडिंग स्मार्ट सिटी द्वारा वहन की जा रही है। आने वाले 2 महीने में इसका अध्ययन कर इन सभी चौराहों पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट दी जाएगी। बजट की उपलब्धता के आधार पर सम्बन्धित विभाग से इन चौराहों को एक-एक कर उनकी रिमॉडलिंग की जाएगी। इससे आने वाले 3 से 6 माह के अंदर शहर के महत्वपूर्ण व बड़े चौराहों पर यातायात की बेहतर सुविधा सुनिश्चित होगी।
मीटिंग के बाद किया स्थलीय निरीक्षण
कमिश्नर राजशेखर ने बताया कि सबसे पहले टाटमिल चौराहे का निरीक्षण किया गया। यहां चौराहे पर छोड़े गए फ्री लेफ्ट की 25 दिन की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। ये काफी ठीक रहा। घंटाघर चौराहे से झकरकटी बस अडडे की ओर जाने पर दाहिनी ओर चौराहे पर “गैंजेस मॉल” बिल्डिंग बनी हुई है। पाया गया कि कुछ भाग PWD की जमीन पर बना हुआ है। नक्शे की जांच करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने 3 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
टाटमिल चौराहा होगा व्यवस्थित
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि बाबूपुरवा से टाटमिल की ओर उतरने वाले पुल के मीडियन को रिमॉडिफाई कराया जाना आवश्यक है। आयुक्त ने PWD को इसके “राइट ऑफ वे” का परीक्षण 2 सप्ताह में इसे मोडिफाई कराने और बाबूपुरवा से टाटमिल की ओर उतरने पर बाईं ओर लगी जमीन के संबंध में 3 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

शहर के 35 किमी. रोड नेटवर्क को किया जाएगा व्यवस्थित।
हटाए जाएंगे अवैध यूनीपोल
निरीक्षण में पाया गया कि चौराहों पर विज्ञापनों के कई यूनीपोल लगे हुए हैं। इस पर कमिश्नर ने डीसीपी ट्रैफिक को प्राथमिकता के आधार पर शहर के महत्वपूर्ण बड़े चौराहों से IRC के प्रावधानों और नियमों को उल्लंघन करने वाले यूनीपोल को चिन्हित करते हुए नगर निगम और यातायात पुलिस के अधिकारियों से संयुक्त सर्वे कर यूनीपोल को हटाने के निर्देश दिए।
रामादेवी चौराहा का किया निरीक्षण
पाया गया कि चौराहे पर यातायात दबाव कम करने हेतु लखनऊ-इटावा फ्लाई ओवर के लिए एक सर्विस लेन तैयार किया जाना अति आवश्यक हैं। इसके लिए आयुक्त ने परियोजना निदेशक NHAI कानपुर को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने और 1 सप्ताह में इसकी ड्राइंग-डिजाइन तैयार कराकर प्रस्ताव आरओ आफिस भेजने के लिए कहा। वहीं पुल के नीचे अवैध तरीके से लगाए गए ठेले वालों को हटाने के निर्देश दिए गए।
