कानपुर में ट्रैफिक के लिए बाधा बने मेट्रो के काम की भी डीसीपी ट्रैफिक ने समीक्षा शुरू कर दी है। जहां पर मेट्रो काम पूरा कर चुकी है। वहां से सामान हटाने और तय समय पर काम पूरा करने के लिए डीसीपी ट्रैफिक ने मेट्रो अफसरों को अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही मेट्रो निर्माण वाले क्षेत्र में मानक के मुताबिक रास्ता छोड़ने और ट्रैफिक वालेंटियर लगाने की भी बात कही है।
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी की अध्यक्षता में मेट्रो अफसरों के साथ बैठक की गई। इसमें शहर में चल रहे मेट्रो रेल परियोजना सम्बंधित काम की समीक्षा और बेहतर यातायात व्यवस्था पर चर्चा की गई। इस दौरान कानपुर नगर में चल रहे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कारण प्रभावित हो रही यातायात व्यवस्था के संदर्भ में समस्त मार्गों की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया तो उपस्थित मेट्रो अफसरों ने बताया कि सात रास्तों पर मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है।
डीसीपी ने कहा कि इन सभी निर्माणाधीन रूटों पर पब्लिक के लिए मानक के मुताबिक ट्रैफिक के लिए जगह छोड़ने, ट्रैफिक वालेंटियर और निर्माण वाली जगह पर साइन बोर्ड लगाएं। इससे कि पब्लिक को निर्धारित रूट का पता चल सके और मानक के मुताबिक ट्रैफिक वालेंटियर भी लगाएं। इससे कि किसी भी रूट पर जाम की स्थिति नहीं बनें।
इसके साथ ही मेट्रो पदाधिकारियों निर्माण संस्था, यातायात निरीक्षकों के साथ बैठक करके हर मार्ग के लिए एक डेडलाइन तय कर दी है। यह डेडलाइन जून 2023 से लेकर मार्च 2024 तक की है। इस समय अवधि में शहर के साथ मार्गो को क्लियर करने की बात कही है।
- चुन्नीगंज मार्ग
- नवीन मार्केट
- बड़ा चौराहा
- नरौना चौराहा से एलआईसी बिल्डिंग
- कानपुर सेन्ट्रल से झकरकटी से ट्रांसपोर्टनगर तक (कानपुर सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन क्षेत्र को छोड़कर)
- बारादेवी चौराहा से नौबस्ता फ्लाईओर (एलीवेटेड) तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य
- नौबस्ता चौराहा से हमीरपुर रोड गल्लामंडी
बैठक में प्रमुख रूप से यूपी एमआरसी के डिप्टी चीफ इंजीनियर अर्जुन श्रीवास्तव, ज्वाइंट चीफ इंजीनियर बृजेश कुमार वर्मा, डिप्टी चीफ इंजीनियर उपेन्द्र कुमार तिवारी, सिक्योरिटी कमिश्नर शशि शेखर दीक्षित, कंसलटेंट राजेन्द्र धर द्विवेदी, डिप्टी सीई मोहित बंसल, डिप्टी सीई आशुतोष मिश्रा समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।